Karva Chauth Vrat Katha | करवा चौथ व्रत कथा PDF in Hindi

Karva Chauth Vrat Katha | करवा चौथ व्रत कथा Hindi PDF Download using the direct download link

40 People Like This
REPORT THIS PDF ⚐

Karva Chauth Vrat Katha | करवा चौथ व्रत कथा PDF Download in Hindi for free using the direct download link given at the bottom of this article.

Karva Chauth Vrat Katha | करवा चौथ व्रत कथा Hindi

Karva Chauth Vrat Katha PDF | करवाचौथ व्रत कथा PDF Download | Karva Chauth Vrat Katha Book

करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भारत के पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान का पर्व है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह पर्व सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियाँ मनाती हैं। यह व्रत सुबह सूर्योदय से पहले करीब ४ बजे के बाद शुरू होकर रात में चंद्रमा दर्शन के बाद संपूर्ण होता है।

Karva Chauth Vrat Katha | करवा चौथ व्रत कथा PDF - 2nd Page
Page No. 2 of Karva Chauth Vrat Katha | करवा चौथ व्रत कथा PDF

ग्रामीण स्त्रियों से लेकर आधुनिक महिलाओं तक सभी नारियाँ करवाचौथ का व्रत बडी़ श्रद्धा एवं उत्साह के साथ रखती हैं। शास्त्रों के अनुसार यह व्रत कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की चन्द्रोदय व्यापिनी चतुर्थी के दिन करना चाहिए। पति की दीर्घायु एवं अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस दिन भालचन्द्र गणेश जी की अर्चना की जाती है। करवाचौथ में भी संकष्टीगणेश चतुर्थी की तरह दिन भर उपवास रखकर रात में चन्द्रमा को अ‌र्घ्य देने के उपरांत ही भोजन करने का विधान है। वर्तमान समय में करवाचौथ व्रतोत्सव ज्यादातर महिलाएं अपने परिवार में प्रचलित प्रथा के अनुसार ही मनाती हैं लेकिन अधिकतर स्त्रियां निराहार रहकर चन्द्रोदय की प्रतीक्षा करती हैं।

कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करकचतुर्थी (करवा-चौथ) व्रत करने का विधान है। इस व्रत की विशेषता यह है कि केवल सौभाग्यवती स्त्रियों को ही यह व्रत करने का अधिकार है। स्त्री किसी भी आयु, जाति, वर्ण, संप्रदाय की हो, सबको इस व्रत को करने का अधिकार है। जो सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियाँ अपने पति की आयु, स्वास्थ्य व सौभाग्य की कामना करती हैं वे यह व्रत रखती हैं।

यह व्रत 12 वर्ष तक अथवा 16 वर्ष तक लगातार हर वर्ष किया जाता है। अवधि पूरी होने के पश्चात इस व्रत का उद्यापन (उपसंहार) किया जाता है। जो सुहागिन स्त्रियाँ आजीवन रखना चाहें वे जीवनभर इस व्रत को कर सकती हैं। इस व्रत के समान सौभाग्यदायक व्रत अन्य कोई दूसरा नहीं है। अतः सुहागिन स्त्रियाँ अपने सुहाग की रक्षार्थ इस व्रत का सतत पालन करें।

करवा चौथ 2020 का शुभ मुहूर्त
चतुर्थी तिथि प्रारंभ – सुबह 4 बजकर 24 मिनट पर (4 नवंबर 2020)
चतुर्थी तिथि समाप्त – सुबह 6 बजकर 14 मिनट पर (5 नवंबर 2020)
चंद्रोदय का समय – रात 8 बजकर 16 मिनट पर
करवा चौथ पूजा मुहूर्त – शाम 5 बजकर 29 मिनट से शाम 6 बजकर 48 मिनट तक

Karwa Chauth Calendar 2020
Karva Chauth Poojan Vidhi | करवा चौथ पूजन विधि

आप नीचे दिए गए लिंक का उपयोग करके करवाचौथ व्रत कथा PDF (Karvachauth Vrat Katha PDF) प्रारूप में डाउनलोड कर सकते हैं।

PDF's Related to Karva Chauth Vrat Katha | करवा चौथ व्रत कथा

Karva Chauth Vrat Katha | करवा चौथ व्रत कथा PDF Download Link

REPORT THISIf the download link of Karva Chauth Vrat Katha | करवा चौथ व्रत कथा PDF is not working or you feel any other problem with it, please REPORT IT by selecting the appropriate action such as copyright material / promotion content / link is broken etc. If Karva Chauth Vrat Katha | करवा चौथ व्रत कथा is a copyright material we will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

RELATED PDF FILES

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *