श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa PDF Hindi

श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa Hindi PDF Download

श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa in Hindi PDF download link is available below in the article, download PDF of श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa in Hindi using the direct link given at the bottom of content.

77 People Like This
REPORT THIS PDF ⚐

महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa Lyrics Hindi PDF

हैलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आये हैं श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa PDF हिन्दी भाषा में। अगर आप श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa हिन्दी पीडीएफ़ डाउनलोड करना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं। इस लेख में हम आपको देंगे श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa के बारे में सम्पूर्ण जानकारी और पीडीएफ़ का direct डाउनलोड लिंक।

महाकाली चालीसा PDF हिन्दी अनुवाद सहित – माता महाकाली की इस छोटी सी स्तुति का श्रद्धा पूर्वक चालीसा पाठ करने से ज्ञात अज्ञात सभी तरह के शत्रुओं से माता अपने भक्तों की रक्षा करती हैं ।

श्री काली चालीसा माँ काली देवी को समर्पित हैं । माँ काली को सभी माँ के रूपों में शक्तिशाली स्वरूप माना जाता हैं । श्री काली चालीसा को नियमित रूप से पाठ करने से भय का दूर होना, तीव्र बुद्धि होना, शत्रुओं का नाश होना और सभी कष्ट खुद ही दूर हो जाते हैं।

मां काली हिन्दू धर्म की देवी हैं। इन्हें देवी दुर्गा का अवतार माना जाता है। इनका रंग काला होने के कारण ही इन्हें कालरात्रि या मां काली कहा जाता है। इनकी उत्पत्ति राक्षसों के संहार हेतु की गई थी। मान्यता के अनुसार काली माता बल और शक्ति की देवी हैं। आइए इनकी आराधना कर इन्हें प्रसन्न करें।

महाकाली चालीसा PDF हिन्दी अनुवाद सहित

दोहा
जय जय सीताराम के मध्यवासिनी अम्ब,
देहु दर्श जगदम्ब अब करहु न मातु विलम्ब ॥
जय तारा जय कालिका जय दश विद्या वृन्द,
काली चालीसा रचत एक सिद्धि कवि हिन्द ॥
प्रातः काल उठ जो पढ़े दुपहरिया या शाम,
दुःख दरिद्रता दूर हों सिद्धि होय सब काम ॥

चौपाई
जय काली कंकाल मालिनी,
जय मंगला महाकपालिनी ॥

रक्तबीज वधकारिणी माता,
सदा भक्तन की सुखदाता ॥

शिरो मालिका भूषित अंगे,
जय काली जय मद्य मतंगे ॥

हर हृदयारविन्द सुविलासिनी,
जय जगदम्बा सकल दुःख नाशिनी ॥ ४ ॥

ह्रीं काली श्रीं महाकाराली,
क्रीं कल्याणी दक्षिणाकाली ॥

जय कलावती जय विद्यावति,
जय तारासुन्दरी महामति ॥

देहु सुबुद्धि हरहु सब संकट,
होहु भक्त के आगे परगट ॥

जय ॐ कारे जय हुंकारे,
महाशक्ति जय अपरम्पारे ॥ ८ ॥

कमला कलियुग दर्प विनाशिनी,
सदा भक्तजन की भयनाशिनी ॥

अब जगदम्ब न देर लगावहु,
दुख दरिद्रता मोर हटावहु ॥

जयति कराल कालिका माता,
कालानल समान घुतिगाता ॥

जयशंकरी सुरेशि सनातनि,
कोटि सिद्धि कवि मातु पुरातनी ॥ १२ ॥

कपर्दिनी कलि कल्प विमोचनि,
जय विकसित नव नलिन विलोचनी ॥

आनन्दा करणी आनन्द निधाना,
देहुमातु मोहि निर्मल ज्ञाना ॥

करूणामृत सागरा कृपामयी,
होहु दुष्ट जन पर अब निर्दयी ॥

सकल जीव तोहि परम पियारा,
सकल विश्व तोरे आधारा ॥ १६ ॥

प्रलय काल में नर्तन कारिणि,
जग जननी सब जग की पालिनी ॥

महोदरी माहेश्वरी माया,
हिमगिरि सुता विश्व की छाया ॥

स्वछन्द रद मारद धुनि माही,
गर्जत तुम्ही और कोउ नाहि ॥

स्फुरति मणिगणाकार प्रताने,
तारागण तू व्योम विताने ॥ २० ॥

श्रीधारे सन्तन हितकारिणी,
अग्निपाणि अति दुष्ट विदारिणि ॥

धूम्र विलोचनि प्राण विमोचिनी,
शुम्भ निशुम्भ मथनि वर लोचनि ॥

सहस भुजी सरोरूह मालिनी,
चामुण्डे मरघट की वासिनी ॥

खप्पर मध्य सुशोणित साजी,
मारेहु माँ महिषासुर पाजी ॥ २४ ॥

अम्ब अम्बिका चण्ड चण्डिका,
सब एके तुम आदि कालिका ॥

अजा एकरूपा बहुरूपा,
अकथ चरित्रा शक्ति अनूपा ॥

कलकत्ता के दक्षिण द्वारे,
मूरति तोरि महेशि अपारे ॥

कादम्बरी पानरत श्यामा,
जय माँतगी काम के धामा ॥ २८ ॥

कमलासन वासिनी कमलायनि,
जय श्यामा जय जय श्यामायनि ॥

मातंगी जय जयति प्रकृति हे,
जयति भक्ति उर कुमति सुमति हे ॥

कोटि ब्रह्म शिव विष्णु कामदा,
जयति अहिंसा धर्म जन्मदा ॥

जलथल नभ मण्डल में व्यापिनी,
सौदामिनी मध्य आलापिनि ॥ ३२ ॥

झननन तच्छु मरिरिन नादिनी,
जय सरस्वती वीणा वादिनी ॥

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे,
कलित कण्ठ शोभित नरमुण्डा ॥

जय ब्रह्माण्ड सिद्धि कवि माता,
कामाख्या और काली माता ॥

हिंगलाज विन्ध्याचल वासिनी,
अटठहासिनि अरु अघन नाशिनी ॥ ३६ ॥

कितनी स्तुति करूँ अखण्डे,
तू ब्रह्माण्डे शक्तिजित चण्डे ॥

करहु कृपा सब पे जगदम्बा,
रहहिं निशंक तोर अवलम्बा ॥

चतुर्भुजी काली तुम श्यामा,
रूप तुम्हार महा अभिरामा ॥

खड्ग और खप्पर कर सोहत,
सुर नर मुनि सबको मन मोहत ॥ ४० ॥

तुम्हारी कृपा पावे जो कोई,
रोग शोक नहिं ताकहँ होई ॥

जो यह पाठ करै चालीसा,
तापर कृपा करहिं गौरीशा ॥

॥ दोहा ॥

जय कपालिनी जय शिवा,
जय जय जय जगदम्ब,
सदा भक्तजन केरि दुःख हरहु,
मातु अविलम्ब ॥

महाकाली माता पूजा विधि

  • मां काली की उपासना दो प्रकार से होती हैं, सामान्य पूजा और तंत्र पूजा। सामान्य पूजा तो आप आसानी से घर पर कर सकते हैं,
  • लेकिन तंत्र पूजा हमेशा गुरु की देखरेख में करनी चाहिए। अन्यथा पूजा का विपरीत प्रभाव पड़ता है।
  • शुक्रवार के दिन देवी काली की पूजा लाल या गुलाबी वस्त्र पहन कर ही करना चाहिए।
  • देवी के समक्ष गुग्गल की धूप जरूर जलाना चाहिए और पूजा में लाल गुलाब के फूल ही चढ़ाने चाहिए।
  • देवी काली की पूजा में लाल या काली वस्तुओं का विशेष महत्व है। इसलिए उनकी पूजा में चढ़ावा इसी रंग का होना चाहिए।
  • याद रखें देवी काली की उपासना तभी फलीभूत होती है जब उनकी पूजा समस्याओं से निजात के लिए की जाती है। यदि किसी पर समस्या उत्पन्न करने के उद्देश्य से ये पूजा होती है तो वह कभी सफल नहीं होती।
  • देवी काली की पूजा में लाल कुमकुम, अक्षत, गुड़हल के लाल फूल और भोग में हलवे या दूध से बनी मिठाई के अलावा कुछ और अर्पित नहीं करना चाहिए।

काली माता की आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली |
तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ||

तेरे भक्त जनों पे माता, भीर पड़ी है भारी |
दानव दल पर टूट पडो माँ, करके सिंह सवारी ||

सौ सौ सिंहों से तु बलशाली, दस भुजाओं वाली |
दुखिंयों के दुखडें निवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ||

माँ बेटे का है इस जग में, बड़ा ही निर्मल नाता |
पूत कपूत सूने हैं पर, माता ना सुनी कुमाता ||

सब पर करुणा दरसाने वाली, अमृत बरसाने वाली |
दुखियों के दुखडे निवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ||

नहीं मांगते धन और दौलत, न चाँदी न सोना |
हम तो मांगे माँ तेरे मन में, इक छोटा सा कोना ||

सबकी बिगडी बनाने वाली, लाज बचाने वाली |
सतियों के सत को संवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ||

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली |
तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ||

Download Shree Mahakali Chalisa lyrics in hindi PDF format through direct link provided below or chant online for free.

श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa PDF - 2nd Page
श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa PDF - PAGE 2
PDF's Related to श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa

श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa PDF Download Link

REPORT THISIf the purchase / download link of श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa PDF is not working or you feel any other problem with it, please REPORT IT by selecting the appropriate action such as copyright material / promotion content / link is broken etc. If श्री महाकाली चालीसा | Mahakali Chalisa is a copyright material we will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

RELATED PDF FILES

Leave a Reply

Your email address will not be published.