आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics PDF in Hindi

Download PDF of आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics Hindi from Drive Files

43 People Like This
REPORT THIS PDF ⚐

आरती कुंजबिहारी की | Aarti Kunj Bihari ki

Download आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics Hindi PDF for free using the direct download link given at the bottom of this article.

आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics Hindi

भगवान कृष्ण, यादव वंश के राजा श्री वासुदेव और मथुरा के राजा कंस की बहन श्री देवकी के पुत्र थे| श्री देवकी के विवाह के दिन आकाशवाणी हुई कि कंस को देवकी के आठवें पुत्र द्वारा मार दिया जाएग। इसलिए कंस ने वासुदेव और देवकी को जेल में डाल दिया और उनके आठवीं संतान तक उनके सभी बच्चों को मारना शुरू कर दिय।

कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण उसी जेल में जन्मे लेकिन उस दिन भगवान् के चमत्कार फलस्वरूप श्री वासुदेव कृष्ण जी को कंस से बचाने के लिए उन्हें नंदगाँव में अपने मित्र नंद बाबा और उनकी पत्नी यशोदा को सौंप आये। भगवान कृष्ण के जन्म लेने की ख़ुशी में इस दिन कृष्ण जन्माष्टमी मनाया जाता है।

आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics PDF - 2nd Page
Page No. 2 of आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics PDF

आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली ।
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक,
चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै । बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग,
ग्वालिन संग, अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा बसी शिव सीस,
जटा के बीच, हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू ।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद,
कटत भव फंद, टेर सुन दीन दुखारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

Kunj Bihari/Krishna Aarti Lyrics English>

Aarti Kunj Bihari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki
Aarti Kunj Bihari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki

Gale Mein Baijanti Mala,
Bajave Murali Madhur Bala.
Shravan Mein Kundal Jhalakala,
Nand Ke Anand Nandlala.
Gagan Sam Ang Kanti Kali,
Radhika Chamak Rahi Aali.
Latan Mein Thadhe Banamali
Bhramar Si Alak, Kasturi Tilak,Chandra Si Jhalak
Lalit Chavi Shyama Pyari Ki,
Shri Giradhar Krishna Muraari Ki
Aarti Kunja Bihari Ki

Kanakmay Mor Mukut Bilse,
Devata Darsan Ko Tarse
Gagan So Suman Raasi Barse
Baje Murchang, Madhur Mridang, Gwaalin Sang
Atual Rati Gop Kumaari Ki
Shri Giradhar Krishna Murari Ki
Aarti Kunja Bihari Ki

Jahaan Te Pragat Bhayi Ganga,
Kalush Kali Haarini Shri Ganga,
Smaran Te Hot Moh Bhanga
Basi Shiv Shish, Jataa Ke Biich, Harei Agh Kiich
Charan Chhavi Shri Banvaari Ki.
Shri Giradhar Krishna Muraari Ki
Aarti Kunja Bihari Ki

Chamakati Ujjawal Tat Renu,
Baj Rahi Vrindavan Benu
Chahu Disi Gopi Gwaal Dhenu
Hansat Mridu Mand, Chandani Chandra, Katat Bhav Phand
Ter Sun Diin Bhikhaarii Kii
Shri Giradhar Krishnamuraari Ki
Aarti Kunja Bihari Ki

Aarti Kunj Bihari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki
Aarti Kunja Bihari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki

Download आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics PDF format by clicking the direct link provided below or chant online.

PDF's Related to आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics

आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics PDF Download Link

REPORT THISIf the download link of आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics PDF is not working or you feel any other problem with it, please REPORT IT by selecting the appropriate action such as copyright material / promotion content / link is broken etc. If आरती कुंजबिहारी की | Krishna Aarti Lyrics is a copyright material we will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *