नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram PDF Sanskrit

नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram Sanskrit PDF Download

नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram in Sanskrit PDF download link is available below in the article, download PDF of नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram in Sanskrit using the direct link given at the bottom of content.

7 People Like This
REPORT THIS PDF ⚐

नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram Sanskrit PDF

नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram PDF Download in Sanskrit for free using the direct download link given at the bottom of this article.

नील सरस्वती स्तोत्रम देवी सरस्वती को समर्पित एक अत्यंत ही शक्तिशाली स्तोत्र है जिसके पाठ से व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति होती है। यह एक सिद्ध सरस्वती स्तोत्र है जिसके प्रभाव से साधक की बुद्धि तीक्ष्ण होती है तथा उसके अंदर आत्मज्ञान जागृत होता है।

अष्टमी, नवमी व चतुर्दशी के दिन नील सरस्वती स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। कई साधकों को तो नील सरस्वती स्तोत्र अर्थ सहित कंठस्थ होता है और वह इसका योनिमुद्रा में आसन लगा कर पाठ करते हैं। यह एक शत्रु नाशक नील सरस्वती स्तोत्र है जो साधक के समस्त शत्रुओं का नाश कर देता है।

नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram Lyrics

॥ अथ श्रीनील सरस्वतीस्तोत्रम् ॥

॥ श्री गणेशाय नमः ॥

घोररूपे महारावे सर्वशत्रुवशङ्करी । var  क्षयङ्करी

भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥ १॥

सुराऽसुरार्चिते देवि सिद्धगन्धर्वसेविते ।

जाड्यपापहरे देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥ २॥

जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वानुकारिणी ।

द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥ ३॥

सौम्यरूपे घोररूपे चण्डरूपे नमोऽस्तु ते । var  क्रोधरूपे

दृष्टिरूपे नमस्तुभ्यं त्राहि मां शरणागतम् ॥ ४॥ var  सृष्टिरूपे

जडानां जडतां हम्सि भक्तानां भक्तवत्सले । var  जडतां भजतां

मूढतां हर मे देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥ ५॥

ह्रूं ह्रूंकारमये देवि बलिहोमप्रिये नमः ।

उग्रतारे नमस्तुभ्यं त्राहि मां शरणागतम् ॥ ६॥

बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे ।

कुबुद्धिं हर मे देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥ ७॥ मूढत्वं

इन्द्रादिदेव सद्वृन्दवन्दिते करुणामयी । var  इन्द्रादिदिविषद् वृन्द

तारे ताराधिनाथास्ये त्राहि मां शरणागतम् ॥ ८॥

॥ अथ फलश्रुतिः ॥

अष्टम्यां च चतुर्दश्यां नवम्यां यः पठेन्नरः । चैकचेतसः

षण्मासैः सिद्धिमाप्नोति नाऽत्र कार्या विचारणा ॥ १॥

मोक्षार्थी लभते मोक्षं धनार्थी धनमाप्नुयात् ।

विद्यार्थी लभते विद्यां तर्कव्याकरणादिकाम् ॥ २॥

इदं स्तोत्रं पठेद्यस्तु सततं श्रद्धयान्वितः । सधनं लभते नरः ।

तस्य शत्रुः क्षयं याति महाप्रज्ञा च जायते ॥ ३॥

पीडायां वापि सङ्ग्रामे जप्ये दाने तथा भये ।

य इदं पठति स्तोत्रं शुभं तस्य न संशयः ॥ ४॥

स्तोत्रेणानेन देवेशि स्तुत्वा देवीं सुरेश्वरीम् ।

सर्वकाममवाप्नोति सर्वविद्यानिधिर्भवेत् ॥ ५॥ सर्वान् कामानवाप्नोति

इति ते कथितं दिव्यं स्तोत्रं सारस्वतप्रदम् ।

अस्मात्परतरं नास्ति स्तोत्रं तन्त्रे महेश्वरी ॥ ६॥

॥ इति बृहन्निलतन्त्रे द्वितीयपटले तारिणीनीलसरस्वतीस्तोत्रं समाप्तम् ॥

नील सरस्वती स्तोत्र हिंदी/संस्कृत पाठ विधि | Neel Saraswati Stotram Path Vidhi :

  1. प्रतिदिन नील सरस्वती स्तोत्र का पाठ करने आप को चमत्कारिक अनुभव होंगे किन्तु यदि आप देवी सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो विशेषतः आपको अष्टमी, नवमी तथा चतुर्दशी को इस स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए।
  2. सर्वप्रथम स्नान करके स्वच्छ श्वेत व पीले वस्त्र धारण करें।
  3. एक पीले आसान पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके पद्मासन में बैठ जाएँ।
  4. अब अपने सामने लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछा कर देवी माँ सरस्वती की एक प्रतिमा अथवा छायाचित्र स्थापित करें।
  5. देवी सरस्वती का ध्यान व आवाहन करें तथा उनको आसन ग्रहण करवाएं।
  6. तदोपरान्त उनको धुप, दीप, सुगन्ध व नैवेद्य आदि अर्पित करें।
  7. उनको बेसन अथवा बूंदी के लड्डू का भोग अर्पित करने।
  8. तत्पश्चात पूर्ण श्रद्धा से श्री नील सरस्वती स्तोत्र का पाठ करें।
  9. पाठ सम्पूर्ण होने पर देवी सरस्वती की आरती करें तथा अपने लिए बुद्धि, विद्या तथा ज्ञान की कामना करें।

नील सरस्वती स्तोत्र के लाभ व महत्व ( Benefits & Significance) :

  • सिद्ध नील सरस्वती स्तोत्रम का प्रतिदिन पाठ करने से व्यक्ति के आत्मज्ञान में वृद्धि होती है।
  • जिन छात्रों को पढ़ाई करने में समस्या होती है अथवा परिश्रम करने पर भी परीक्षा में मनोवांछित परिणाम प्राप्त नहीं हो रहे हैं तो उन्हें भी श्री नील सरस्वती स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
  • इस स्तोत्र का प्रतिदिन पाठ करने से व्यक्ति के मस्तिष्क में शीघ्र निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है।
  • जो लोग कविता, साहित्य, कला व संगीत आदि ललित कलाओं के क्षेत्र में अपना करियर बनान चाहते हैं अथवा दक्षता प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें श्री नील सरस्वती स्तोत्र का पाठ प्रतिदिन पूर्ण विधि-विधान से करना चाहिए।
  • सिद्ध नील सरस्वती स्तोत्रम के प्रभाव से साधक समस्त प्रकार के ज्ञात व् अज्ञात भय से मुक्त हो जाता है।
  • इस स्तोत्र को सुनने से अनेक प्रकार की मानसिक समस्याओं का समाधान होता है तथा शांति का अनुभव होता है।
  • यदि किसी बालक का मानसिक विकास ठीक से नहीं हो रहा है अथवा वह अन्य बालकों की तुलना में में मानसिक रूप से दुर्बल है तो इस स्तोत्र का पाठ व श्रवण करने से उसका मानसिक विकास सुचारु रूप से होने लगता है।

नील सरस्वती स्तोत्र पीडीएफ | Neel Saraswati Stotram PDF संस्कृत में डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करें तथा निशुल्क इस दिव्य स्तोत्र का लाभ प्राप्त करें।

नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram PDF - 2nd Page
नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram PDF - PAGE 2
PDF's Related to नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram

नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram PDF Download Link

REPORT THISIf the purchase / download link of नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram PDF is not working or you feel any other problem with it, please REPORT IT by selecting the appropriate action such as copyright material / promotion content / link is broken etc. If नील सरस्वती स्तोत्र | Neel Saraswati Stotram is a copyright material we will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

RELATED PDF FILES

Leave a Reply

Your email address will not be published.