Lingashtakam Stotram PDF Sanskrit

Lingashtakam Stotram Sanskrit PDF Download

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Lingashtakam Stotram Sanskrit PDF

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लिंगाष्टकम स्तोत्रम पीडीएफ़ भगवान एक शिव मन्त्र है, इस मन्त्र का हर के पद संस्कृत में शिव- लिंग की महिमा का वर्णन करता है और विस्तृत रूप से उसकी महानता को भी बताता है। यह शिव पंचाक्षरी मंत्रो के साथ, भगवान् शिव के सबसे अधिक प्रचलित मंत्रो की सूचि में समाविष्ट है। इस पोस्ट से आप Lingashtakam Stotram Lyrics Hindi PDF / लिंगाष्टकम स्तोत्र हिंदी PDF डाउनलोड कर सकते हैं।

शिवलिंग को भगवान शिव का साकार रूप माना जाता है. मान्यता है कि यदि रोजाना व्यक्ति शिवलिंग को जल और बेलपत्र अर्पित करने के साथ इस महाशक्तिशाली लिंगाष्टकम् स्तोत्र का पाठ करे, तो कितना ही मुश्किल समय क्यों न हो, उसे हर समस्या का हल मिल जाता है और वो कुछ ही समय में कष्टों से मुक्त हो जाता है। मान्यता है कि इसे पढ़ने से शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और अनन्य कृपा बरसाते हैं। स्वयं देवता भी इस स्तोत्र से शिव की स्तुति करते हैं।

लिंगाष्ठकम स्तोत्र | Lingashtakam Stotram Sanskrit Lyrics

ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं निर्मलभासित शोभित लिंगम् ।
जन्मज दुःख विनाशक लिंगं तत्-प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ १ ॥

देवमुनि प्रवरार्चित लिंगं कामदहन करुणाकर लिंगम् ।
रावण दर्प विनाशन लिंगं तत्-प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ २ ॥

सर्व सुगंध सुलेपित लिंगं बुद्धि विवर्धन कारण लिंगम् ।
सिद्ध सुरासुर वंदित लिंगं तत्-प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ ३ ॥

कनक महामणि भूषित लिंगं फणिपति वेष्टित शोभित लिंगम् ।
दक्ष सुयज्ञ निनाशन लिंगं तत्-प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ ४ ॥

कुंकुम चंदन लेपित लिंगं पंकज हार सुशोभित लिंगम् ।
संचित पाप विनाशन लिंगं तत्-प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ ५ ॥

देवगणार्चित सेवित लिंगं भावै-र्भक्तिभिरेव च लिंगम् ।
दिनकर कोटि प्रभाकर लिंगं तत्-प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ ६ ॥

अष्टदलोपरिवेष्टित लिंगं सर्वसमुद्भव कारण लिंगम् ।
अष्टदरिद्र विनाशन लिंगं तत्-प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ ७ ॥

सुरगुरु सुरवर पूजित लिंगं सुरवन पुष्प सदार्चित लिंगम् ।
परात्परं परमात्मक लिंगं तत्-प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ ८ ॥

लिंगाष्टकमिदं पुण्यं य: पठेत् शिवसन्निधौ ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥९॥

लिंगाष्ठकम स्तोत्र लाभ

  • लिंगाष्‍टकम आठ श्‍लोकों वाला अत्‍यधिक प्रसिद्ध अष्‍टक है। इस अष्‍टक का जाप शिवलिंग के समीप बैठकर करने से भगवान शिव अति प्रसन्‍न होते है और मनुष्‍य को जन्‍म जन्‍मान्‍तर के पापों से छुटकारा प्रदान करते है।
  • इस अष्‍टक के एक श्‍लोक में यह वर्णन है कि यदि मनुष्‍य लिंगाष्‍टकम का नित्‍य प्रतिदिन पाठ करता है तो उसे भगवान सदाशिव मोक्ष प्रदान करते है और अपने शिव धाम में वास देते है।
  • इस प्रकार Lingashtakam के अनके लाभ है जिसे मनुष्‍य नित्‍य पाठ करके प्राप्‍त कर सकता है।

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